
अँखियाँ रा तारा म्हारा प्राण आधारा रे,
आँखीया रा तारा म्हारा प्राण आधारा रे,
म्हारे नैणा नाचे थारा उणियारा रे,
सोजा म्हारा लाल सोजा म्हारा लाल,
सोजा म्हारा लाल।।
हे हिवडो हिलोला लेवे पलका पालनी थे,
थे झुलेला सांझ सवार रे,
जगमगती ज्योति मुंगा ममता रा मोती,
माँ की ममता हुई है लाचार रे,
चन्दन महक चहुँ दिश मे बिखरसी,
पन्ना पिता पति पूत दिया वार रे,
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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