
गणपती बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या
गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ
मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे
मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे
मेरे घर में कितने दिन मेहमान रहे
हो… मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे
कितनी उम्मीदे बंध जाती है तुम से,
तुम जब आते हो
अब के बरस देखे क्या दे जाते हो,
क्या ले जाते हो
अपने सब भक्तो का तुम को ध्यान रहे
आना जाना जीवन है, जो आया कैसे जाए ना
खिलने से पहले ही लेकिन फूल कोई मुरझाये ना
न्याय अन्याय की कुछ पहचान रहे
असुवन का कतरा कतरा,
सागर से भी है गहरा
इसमे डूब ना जाऊं मै,
तुम्हारी जय जय गाऊं में
वरना अब जब आओगे,
तुम मुझको ना पाओगे
तुम को कितना दुःख होगा,
गणपती बाप्पा मोरया
अपनी जान के बदले अपनी जान मै अर्पण करता हूँ
आखरी दर्शन करता हूँ, अब मै विसर्जन करता हु
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