
मैं आया शरण तिहारी,
मेरी विनती सुनलो नाथ,
अब तो दया कर दीजिये,
माल रा भेरू नाथ,
अब तो दया कर दिजिए,
म्हारा भेरूजी महाराज,
बड़ा अहसान होगा,
बडा उपकार होगा,
मेरा कल्याण होगा।।
तर्ज – देना हो तो दीजिये।
भक्त खडे है चरन आपकी,
पूरी आस लगाए है,
जब जब भीड पडी भक्तों पर,
भेरू दौड के आए हैं,
मेरी खाली झोली भरना,
कर किरपा की बरसात,
इस कलयुग मे आपकी भेरू,
लीला अजब निराली है,
जो भी आया द्वार पे बाबा,
कोई न जाए खाली है,
भक्तों पर किरपा करना,
मै जोडु दोनुु हाथ,
इस दुनिया में आज के,
रिश्ते बडे अनोखे है,
मतलब होते प्यार दे,
वरना कोई न देखे हैं,
अब आपका एक सहारा,
करना नही दुजी बात,
नानु पंडित आपके द्वारे,
आकर शिश झुकाया है,
सुनलो भैरव नाथजी,
कंचन कर दो काया ये,
प्रभु आप बडे बलकारी,
है मेरी क्या औकात,
गायक – महेंद्र सिंह जी राठौर।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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