
अर्जी सुनो अब मेरी
जब जब मन ये गबराता है मिलता न साथ में कोई
तुही मेरा सब कुछ तू ही मेरी यारी यही अरदास है मेरी ,
तुझ बिन जीना पाऊ मैं बाबा कभी भी न रूठना तू मुझसे
सब को दिया है तुम ने सहारा आस लगाऊ मैं तुम से ओ बाबा मेरे अर्जी सुनो अब मेरी
ओ बाबा मेरे विनती सुनो अब मेरी
संवारे का एहसान हमेशा दिल में जिन्दा रहेगा
तेरे दर सा प्यार कही न मुझ्को और मिलेगा
बुल से भी कोई बुल हुई हो तो बाबा तू उसे बुला देना
इक वारी गले से लगा लेना
अर्जी सुनो अब मेरी
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