
आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका,
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका,
विनती स्वीकार हो न हो, दर पे पड़ा रहूँ माँ,
मैं दोनों हाथ जोड़कर सन्मुख खड़ा रहूँ माँ,
जाऊं कहाँ मैं छोड़कर..
जाऊं कहाँ मैं छोड़कर दरबार आपका,
आया हूँ तेरे द्वार पर मुझको संभालिये,
दर्शन की आस दिल में है, खाली ना टालिए,
ईक रोज छोड़ जाएंगे..
ईक रोज छोड़ जाएंगे संसार आपका,
मैया जी तेरे द्वार पर कोई कमी नही,
जो तेरे दर पे है मैया ओर कही नही,
मेरा यही है आसरा..
मेरा यही है आसरा दरबार आप का,
माँ जीवन की डोर बंध गयी, अब तेरे नाम से,
पहचान मेरी बन गई अब तेरे धाम से,
हो जाये मैया मुझ पे भी..
हो जाये मैया मुझ पे भी उपकार आपका,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


