
आज तेरा जगराता माता, आज तेरा जगराता,
जगमग करती पावन ज्योति, हर कोई शीश झुकाता।
माता माता माता माता...
आज जगराता है, माँ का जगराता है।
माथे टीका, हाथ में चूड़ा, सर पे सोहे मुकुट सुनेहरा।
नैनो में है प्यार का अमृत, दिल ममता का सागर गहरा।
भक्त जानो से अम्बे तेरा बड़ा ही निर्मल नाता॥
वैष्णो देवो को प्रणाम करूँ मैं सो सो बार।
चिन्तपुरनी को प्रणाम करूँ मैं सो सो बार।
ज्वाला माई को प्रणाम करूँ मैं सो सो बार।
सो सो बार, सो सो बार, सो सो बार॥
मेह्शासुर को मारने वाली, रक्तबीज संघारने वाली।
तू चामुंडा, तू रुद्रानी, खडग खप्पर धारने वाली।
काली तेरे रूप से तो काल भी घबराता॥
नैना देवी को प्रणाम करूँ मैं सो सो बार।
अम्बा रानी को प्रणाम करूँ मैं सो सो बार।
मनसा देवी को प्रणाम करूँ मैं सो सो बार।
जिनके सर पे हाथ तुम्हारा तूफानों में पाए किनारा।
वो ना बहके वो ना भटके तू दे जिनको आप सहारा।
जहाँ पे तेरा हो जगराता, कष्ट वहां ना आता॥
तेरे चोले लो प्रणाम भवानी सो सो बार।
तेरी पिण्डीओं को प्रणाम भवानी सो सो बार।
तेरे भक्तों को प्रणाम भवानी सो सो बार।
तेरी कंजकों को प्रणाम भवानी सो सो बार।
शेरा वाली माता तेरी सदा ही जय।
ज्योत वाली माता तेरी सदा ही जय।
संकट हरनी माता तेरी सदा ही जय।
मंगल करनी माता तेरी सदा ही जय।
सारे बोलो जय माता दी।
प्रेम से बोलो जय माता दी।
ऊँचे बोलो, जय माता दी।
जोर से बोलो, जय माता दी।
मिल के बोलो, जय माता दी।
भक्तो बोलो, जय माता दी।
संतो बोलो, जय माता दी।
जय माता दी, जय माता दी।
जयकारा ज्योति वाली दा, बोल सांचे दरबार की जय।
जय हो, जय हो॥
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