
किती मेहर मेरे उते महारानी ने,
छड़ी कोई भी न घाट जग जानी ने,
दिल करे मेरा माँ दी भर कवली ऊंची ऊंची ख़ुशी च जयकारे,
पैरा च पंजेब दी थी पा ले घुंगरू आज नचना मैं मईया दे द्वारे,
हथा उते मेहँदी लाके रंग मैं चढ़ा लिया है,
लाल गुडा मईया जी दे नाम दा,
लाल फुलकारी लिटी लाल पाइया वंगा बड़ा लाल रंग मियां न सुहाव दा,
सच्चे दिलो मैनु माँ दी लग गई लग्न सारे कम मेरी दाती ने सवारे,
रीज नाल सूट भी समाया सुहे रंग दा मैं जाना माँ दे दर्शन पौन नु,
करने दीदार माँ दे चढ़ के चढ़ाइयाँ बोहति करनी नहीं काली मुद आऊं नु ,
जेहड़ा भी भगत मियां दी ज्योत नु जगावे मियां कर दिंडी पार उतारे,
रेहमता दे नाल मेरी झोली भर दिति ख़ुशी मेतो जन्दी न संभाली है,
लिखियाँ है सच सुखबीर ने कलम विच बड़ी माँ दयालु शेरावाली है,
किरपा दा हथ रखी मनवीर उते एही करा अरजोई सरकारे,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




