
आता रहता हूँ मैं दर तुम्हारे मगर
आता रहता हूँ मैं दर तुम्हारे मगर
कभी तुम भी मेरे घर आया करो
सुनते हो सांरे सबके दिल की सदा
कभी अपने भी दिल की सुनाया करो
आता रहता हूँ मैं ....................
सबपे करते हो तुम मेहरबानियां
ग़म के मारों की सुनकर कहानियां
देते हो इस कदर प्यार सबको मगर
क्या ये कहता ये नहीं दिल तुम्हारा कभी
कभी मेरी भी सुनंने को आया करो
हर एक डूबे को पल में उबारते
सबका सोया मुकद्दर संवारते
डाल कर तुम नज़र करते ऐसा असर
हो मिटाते सदा सबके दुःख दर्द तुम
पर ना यूँ दर्द अपना छुपाया करो
है ये विनती मेरी तुमसे सांवरे
रखना सर पे सदा अपनी छाँव रे
है दीवाना मेरा दिल तेरा सांवरे
तुम हो मेरे अगर है कसम ये तुम्हे
राज़ हमको भी अपना सुनाया करो
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



