
आनंद ही आनंद बरस रहा बिहारी जी के द्वार पे
आनंद ही आनंद बरस रहा,
बिहारी जी के द्वार पे,
भक्तों का मन भी हरष रहा,
पलकों से चौखट बुहारू,
पल पल तेरी नज़र उतारू,
जब भी मैं झांकी को देखूं,
तन मन सब तो पे वारु,
दर्शन को मैं भी तरस रहा,
खुशियां ही खुशियां छाई,
भक्तों सबको है बधाई,
अरे मंगल गाओ भक्तों,
देखो शुभ घड़ी है आई,
रे भक्तों का मनवा हरष रहा,
आनंद कंद है बिहारी,
आनंद ही है बरसाते,
आनंद से भर जाते,
जो इनकी शरण में आते,
ज़र्रा ज़र्रा देखो हरष रहा,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
