
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी,
हम तो इस काबिल ही ना थे,
ये कदर दानी आपकी,
तर्ज – दिल के अरमाँ आंसुओ में
में तो तुम से हर तरह,
होकर अलग भागा रहा,
इस जहा के दौर में,
अटका रहा भटका रहा,
लगा लिया मुझको गले से,
ये रवानी आपकी,
कहाँ है तू और कहाँ हु में,
ये मिलना भी क्या हो सकता था,
क्र क्र गुनाह इस तमाश गाहे आलम में,
में भटका रहा,
बे सबब हो गई ये रेहमतानी आपकी,
अब तो प्यारे आपके कदमो में
सर को मेने रख दिया,
हम इनायत हम नवाजिश,
इस करम का शुक्रिया,
तुम हमारे हम तुम्हारे,
ये जिंदगानी आपकी,
बरसो से उजड़ा पड़ा था,
मेरे दिल का ये चमन,
उजड़ी बगिया खिल उठी,
जब हो गया तेरा आगमन,
आप ने जो गुल खिलाया,
मेहरबानी आपकी,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




