
आये तेरे नवरात्रे मैया, आये तेरे नवरात्रे,
कंजका पूजूं ज्योत जगाऊ,
रोज़ करूँ जगराते मैया,
पहले नवरात्री खेतेरी बीजूं,
धुप और दीप जलाऊँ,
उसमें मैं गणपति की मैया,
गौरी के दर्शन पाऊं,
कर दे कृपा दे हरियाली,
खुशहाली महारानी,
अन्न धन जीवन के सुख सारे,
तेरे द्वार से पाऊं,
दूजे नवरात्रे लक्ष्मी माँ के,
चरणों में शीश झुकाऊ,
तीजे महाकाली महारानी,
दाती के गुण गाऊं,
चौथे नवरात्रे चिंतपूर्णी,
मैया के सम्मुख जाके,
छोड़ के चिंता भरूं चोकियाँ,
पूजा नियम निभाऊं,
पांचवे नवरात्रे कांगड़े वाली,
वर देवे वरदानी,
छठे नवरात्रे ज्वाला ज्योती,
जल में जले कल्याणी,
सातवी सारे जगत की दाती,
अग्नि पवन की मालिक,
द्वार दया के खोल के बैठी,
मैया वैष्णो रानी,
रखे व्रत तेरी याद में मैया,
तेरी महिमा गाई,
खुशियाँ लेकर हर एक घर में,
दुर्गा अष्टमी आई,
कन्या रूप में कल्याणी का,
सबने दर्शन पाया,
अष्टभुजी जगजानी माँ ने,
सबकी प्यास बुझाई,
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