
आवागें.....आवागें दरबार, मईया जी तेरे आवागें।।
पैरा दे विच गुंगरू पाके, मथे सोहना तिलक लगाके।।,
बोलके जय जयकार, मईया जी तेरे आवागें,
असी आवागें.....आवागें दरबार, मईया जी तेरे आवागें।
फूलां वाले हार बनाके, रखे खूब सजाके, अमड़िये....,
साक्षात् ने दर्शन करने, माँ तेरे दरबार ते, दातिए....,
दिल दे विच ने रिझा बढीया, सोऊंन दिया लगिया ने झड़िया।।
हर पासे.....गुलज़ार, मईया जी तेरे आवागें,
आवागें.....आवागें दरबार......
तेरे रंग विच रंग बचड़े, करदे रहन उडीका, अमड़िये....,
दाती बहुती देर ना लायी, छेती पायी तरीका, अमड़िये....,
ऊंगला उत्ते दिन माँ गीनदे, अखियाँ दे नाल राह माँ मिनदे,
कर कृपा....सरकार, मईया जी तेरे आवागें,
जन्नत नालो वध के माए, तेरा भवन प्यारा, अमड़िये....,
जिसदा जग ते कोई ना दर्दी, तुहिओ बने सहारा, अमड़िये....,
अर्ज़ करी मंजूर नी माए, शीरा बैठा दूर नी माए,
माँ दे दर्शन....इक वार, मईया जी तेरे आवागें,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
