
आ नचियां दरबार
संगतां आ नचियां ॥
आ नचियां... संगतां, आ नचियां... ॥
सोहणा, चेत, महीना आया ॥
आज, मइया ने, आप बुलाया ॥
सब को, प्रीतां... जै हो ॥ । लग्गियां,
संगतां, आईं, रौनकां लाईं ॥
मां ने, चिट्ठियां, आप ही पाईं ॥
सारे, मनावण... जै हो ॥ । खुशियां,
ढोली, रल मिल, ढोल बजाते ॥
बच्चड़े, मइया के, नाचते गाते ॥
बड़ीं, ही धूमां... जै हो ॥ । मचियां,
नाम, मइया का, जो भी ध्याता ॥
मुख से, मांगा वह, फल पाता ॥
बातें, ये हैं... जै हो ॥ । सच्चियां,
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