
इसे कहते हैं बजरंगबाला
प्रेम के रंग में ऐसी डूबी बन गया एक ही रूप
अपने आप से बाते करके हो गयी मैं बदनाम
साँसों की माला पे सिमरु मैं जय श्री राम
राम नाम जपते है मस्ती में रहते है
देव है ये सबसे निराला
इसे कहते हैं बजरंगबाला
ओ बाला इसे कहते हैं बजरंगबाला
मंगल को जन्मे है मंगल ही करते
शुक्र और शनि जिनका पानी है भरते
राम का दीवाना है कहता ये जमाना है
देव है ये सबसे निराला इसे कहते हैं बजरंगबाला
नारियल हो के साथ सवा रुपैया
भेंट जो चढ़ाए पार कर देते नैया
बिगड़ी ये बनाते है गले से लगाते है
ऐसे है अंजनी के लाला
सिर पे मुकुट कुण्डल कानो में सोहे
झांकी निराली जो भक्तों को मोहे
बाँध के लंगोटा जो लेके हाथ सोटा जो
दुष्टों का मुंह करते काला
जानकी के प्यारे है अंजनी के दुलारे है
कलयुग में हमसब भक्तों के सहारे है
राम का दीवाना है कहता जमाना है
नरसी को तुमने संभाला
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