
ओम सुंदरम ओमकार सुंदरम,
शिव सुंदरम शिव नाम सुंदरम,
शिव नाम सुंदरम।।
ओम वन्दनं ओंकार वन्दनं,
शिव वन्दनं शिव नाम वन्दनं,
शिव धाम वन्दनं।।
चन्द्रभाल शीश गंगधार सुन्दरम,
नीलकंठ सर्प मुंडमाल सुन्दरम,
ॐ सुन्दरम ओमकार सुन्दरम,
शिव सुन्दरम शिव नाम सुन्दरम,
शिव नाम सुन्दरम।।
भूतप्रेतनाथ भूतनाथ सुन्दरम,
जगतगुरु शिवशंकर काशीनाथ सुन्दरम,
भस्म अंग रमाये भस्मीभूत सुन्दरम,
अलख निरंजन सन्यासी अवधूत सुन्दरम,
कर्पूरगौरम संसार सारम सुन्दरम,
करुणावतारं भुजगेन्द्रहारम सुन्दरम,
मदार पुष्प चन्दन बिल्वपत्र सुन्दरम,
शिवालय में शिवरूप शिवलिंग दर्शन सुन्दरम,
ओम के आधार शिवस्वरुप सुन्दरम,
ओम नमः शिवाय मंत्र भूप सुन्दरम,
अर्धनारीश्वर दर्शन प्रणाम सुन्दरम,
गौरी सूत गणेश को है ध्यान सुन्दरम,
गिरिजापति औघड़दानी अवधूत सुंदरम,
दीर्घ जटागंगाधारी है रूप सुंदरम,
द्वादशज्योतिर्लिंग पावन धाम सुंदरम,
दर्शन है फलदायी मंगलदायक सुंदरम,
शिवभक्ति शक्ति सत्य को आधार सुंदरम,
सौराष्ट्र में विराजे सोमनाथ सुंदरम,
संसार भव से तुम भवतार सुंदरम,
श्री शैल पर शिवधाम मल्लिकार्जुन सुंदरम,
अवन्तिक उज्जैन है महान सुंदरम,
क्षिप्रातट अवतार लिए महाकाल सुंदरम,
गिरजा संग शंकर जी को वास सुंदरम,
चिताभूमि में धाम वैद्यनाथ सुंदरम,
अमलेश्वर सुंदरम श्री कमलेश्वर सुंदरम,
नर्मदा कावेरी तट ओम्कारेश्वर सुंदरम,
काशी सुंदरम श्री केदार सुंदरम,
महगिरि हिमालय पर शिववास सुंदरम,
श्रीराम आराध्य भोलेनाथ सुंदरम,
वरदान विजय प्रदाता श्री रामेश्वर सुंदरम,
महेश्वर सुंदरम चंद्रशेखर सुंदरम,
नासिक में शिवधाम त्रयंभकेश्वर सुंदरम,
भूतप्रेत देवासुर नाथ शंकर सुंदरम,
शरणागत हितकारी भीमशंकर सुंदरम,
आनंद परमानन्द विश्वानंद सुंदरम,
अनाथ नाथ काशी विश्वनाथ सुंदरम,
सुरम्य मंदिर स्थिते महादेव सुंदरम,
भस्मासुर वरदानी घृश्नेश्वर सुंदरम,
हरिओम सुंदरम हरिद्वार सुंदरम,
श्री गंगातट पे नीलकंठ धाम सुंदरम,
भीमासुर संहारी शंकर शम्भू सुंदरम,
औघड़दानी वरदानी सुर स्वामी सुंदरम,
केदार काशीनाथ भोलेनाथ सुंदरम,
भैरव जिनको पूजे योगीनाथ सुंदरम,
रुद्राक्ष सर्पमाल चंद्रशेखर सुंदरम,
मुक्तिदायक धाम त्रयंभकेश्वर सुंदरम,
चिताभूमि के नाथ है नागेश्वर सुंदरम,
रावण के आराध्य शिव शंकर सुंदरम,
विश्वपालक नाथ श्री विश्वेश्वर सुंदरम,
धर्मपालक श्री भगवन नागेश्वर वन्दनं।
वरदान विजय प्रदाता श्री रामेश्वर वन्दनं,
श्रीराम आराध्य भोलेनाथ वन्दनं,
भक्तो के हितकारी दीनानाथ वन्दनं,
वरदान दिया भस्मासुर को वरदानी वन्दनं,
महेश्वर वन्दनं हे जगदीश्वर वन्दनं,
देवादिदेव महादेव देवीश्वर वन्दनं,
देवो के हितकारी हे भंडारी वन्दनं,
पि गए हलाहल हस के हे त्रिपुरारी वन्दनं,
गायक – कुमार विशु जी।
ये भजन भी देखें – ॐ मंगलम ओमकार मंगलम।
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