
ओलुडी आवे ओ म्हाने आपरी ओ मारा बीर
ओलुडी आवे ओ म्हाने,
आपरी ओ मारा बीर।
सुगना री सायलडी सुनो,
ओ हो सुगना री सायलडी री सुनो,
ओलुडी आवे ओ माने,
तर्ज – भजना में जावा कोणी दे।
अलगी परणाई पुंगल,
मायने ओ मारा बीर,
दिनी धोरलिया रे माय,
दिनडा मैं काटू दुखडा,
मारा दुखडा मेटो आय,
सासुजी बोले मोसा,
बोलडा ओ मारा बीर,
क्यु न आयो थारो बीर,
रातडली काटू मै तो रोवती,
ओ मारा बीर,
कैया धरू हिवडे धीर,
भूली सहेलीया माने,
साथ री ओ रामापीर,
माने भूल्या मायर बाप,
थे हो रूनीचे वाला राजवी,
कैया भूल्या बीरा आप,
सुगना ने लेवन वेगा,
आवजो ओ मारा बीर,
आवो लीले रा असवार,
दास अशोक चाकर,
आपरो ओ रामापीर,
मारो बेडो करो पार,
गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
