
ओ जी ओ बाबाजी थारे मंदिरिये में आस्या
ओ जी ओ बाबाजी,
थारे मंदिरिये में आस्या,
कोई फागण कै मेळै मं,
रंग जमास्यां जी,
जै जै म्हारा खाटू वाळा श्याम धणी।।
केसरिया पचरंगी ध्वजा हाथां लेकर आवां,
कोई गोटै की किनारी चिपास्यां जी,
होली की धमाल ढोळक ढपली उपर गांवा,
कोई छम छमिया पै नाच नचास्यां जी,
सेवगिया ल्यावैगा भर-भर रंग पिचकारी,
म्हारै खाटू वाळै श्याम नै नुहास्यां जी,
भर-भर धोबा रंग गुलाल उडास्यां,
कोई मन्दरिया मं धूम मचास्यां जी,
थांरै बिन्या सेवग प्यारा मनड़ो कोन्या लागै,
कोई फागण कै मेळै मं मेल मिलास्यां जी,
मायत म्हारा थे हो बाबा टाबर हां म्हे थांरा,
कोई आपसरी की प्रीत निभास्यां जी,
मतवाळै भगतां नै देख बोलै म्हारो बाबो,
कोई सालीणां मेळै मं थांनै बुलास्यां जी,
सुण करकै फरमान अैसो गद् गद् होग्यो सेवगियो,
कोई बाबै कै चरणां मं धोक लगास्यां जी,
मित्र मण्डळ का बाळक बाबा द्वारै थांरै आया,
थांरै मन्दरियै मं ध्वजा फै’रास्यां जी
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