
शिवशंकर कैलाश पति का डम डम डमरू बाजे,
डम डम डमरू बाजे शिव शक्ति कैलाश के राजे,
कार्तिक संग गणपति खले नंदी संग विराजे,
जटा में गंगा माथे चंदा गले में नाग है साजे,
मानो तो ना मानो तो
मानो तो कंकर भी शंकर ना मानो शंकर भी कंकर,
दिल से उसको याद करेगा सदा वो तेरे साथ रहे गा,
अंग भभूती रमा रहा मस्तक पे चंदा सजा रहा,
जटा में गंगा प्यारी है और गले नाग मझ्दारी है,
वो करता बैल सवारी है,
बम बम बम बम बम बम बम,
कौन सा एसा काम जो शिव शम्भू कर न पाया,
धरती गंगन पताल है सब शिव शंकर की माया,
उसकी किरपा से होती कही धुप कही छाया,
अरे दर दर भटके गड गड ढूंढे शिव है दिव्य समाया,
देवी देवता ऋषि मुनियों ने सबने ये फ़रमाया,
विष पी जिसने देवो को अमिरत पान करवाया,
कौन कहा कुब्जन में किसको कितना जीना है,
सब कुछ उसके हाथ में फिर चिंता क्या करना है,
शिव का नाम तो मुर्दे में भी जान फुकने वाला,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
