
कन्हिया दीं दुखियो के सहायक तुम कहाते हो
Kanhiya Diin Dukhiyo Ke Sahaayak Tum Kahaate Ho lyrics
कन्हिया दीं दुखियो के सहायक तुम कहाते हो,
दुखी हु दीं हु मैं भी मुझे फिर क्यों बुलाते हो,
बड़ाई सुन के रहमत की तुम्हारे दर पे आया हु,
रेहम की भीख दो दाता मैं गर्दिश का सताया हु,
हमेशा आप ही बिगड़ी में आखिर काम आते हो,
इनायत की नजर कर करके भ्लाये टाल दो बाबा,
ख़ुशी मेरी भी झोली में जरा सी डाल दो दाता,
जहां की महिमा गरीबो पे लुटाते हो
मैं जग से हार कर आया तु हारे का सहारा है,
तुम्हारे बिन नही जग में कही मेरा गुजारा है,
लगा कर अपने चरणों में तरश बे कस पे खाते हो,
बड़ी बे दर्द है दुनिया भरोसा क्या करू इस पर ,
जहां दिल भेट में आया वही से आ रहे है पत्थर,
घजे सिंह प्यार का रिश्ता बस तुम ही निभाते हो,
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