
कबूल मेरी विनती होनी चाहिये ॥
तेरे पागलों में गिनती होनी चाहिये ॥
तेरे नाम का लेके सहारा ॥
चलता है परिवार हमारा ॥
कमी नही कोई होनी चाहिये ॥
तेरे पागलों में गिनती होनी चहिये...
तेरे सहारे चले जीवन नैय्या ॥
आप सम्भालो मन के खेवैय्या ॥
नैय्या मेरी पार बाबा होनी चाहिये ॥
दुनिया की परवाह न कोई ॥
जो मरजी तानु समझे कोई ॥
नाम खुमारी चढी होनी चाहिये ॥
सिंह
अजमेर राजस्थान
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