
कहता जहां दातिए तेरी ममता पे दिल कुर्बान रे,
कहता जहां दातिए ....
तू है शेनशाह मैं हु भिखारी तूने ओ मैया मेरी किस्मत सवारी,
तुमसे है शाम दातिए ,तेरी ममता पे दिल कुर्बान रे,
प्रीत की डोरी तुम संग बाँधी तोड़ सके गी क्या तूफ़ान आंधी,
मेरी है जान दातिए तेरी ममता पे दिल कुर्बान रे,
पहले जहां का ताज तुम्ही हो समजा जिसने वो राज तुम्ही हो,
सब से महान दातिए तेरी ममता पे दिल कुर्बान रे,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




