
तुमसा कोई छलिया कोई बदनाम नही है
कान्हा तेरी मुरली सी कोई तान नही है
मुरली के सिवा तेरा कही ध्यान नही है
अपनी नजर की खुद तुम्हे पहचान नही है
घर घर में जाए खाए कभी फोड़ गगरियाँ
तुम मैया यशोदा के हो मासूम सांवरियां
जाए कभी बरसने कभी नन्द नगरिया,
चाहे घटा चाहे बरसे काली बदलियाँ
तुम सा कोई रसिया कोई रस पान नही है
जय जय गोविन्द यमुना जी में गेंद गिरयाँ
जय जय कृष्ण तुम ही नाग नथैयाँ,
जय जय गोपाल गोप संग गइया चरियां
जय जय राधा हो राधा रानी संग रास रचैयाँ,
तेरे बिना संसार का कल्याण नही है
तुम ही जगत के नाथ तुम दया निधान हो
आशा तुम ही किरण तुम ही परकाश मान हो
तुम कल्पना की जान हो किरपा निधान हो,
अविनाश की मधुर ध्वनी की तुम उड़ान हो
तुम सा कोई भी प्रेम का प्रमाण नही है
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