
कान्हा बीच बजरियाँ क्यों छेड़े मुझे
अदालत में खड़ो कराए दू तुझे
राधा मुझको डरायो न इन बातो से,
मारू कंकरियां मटकी फोडू झट से
करदू शिकायत यो तेरी कन्हियाँ
कैसे चरावे गा श्यामा तू गईयाँ,
अपनी बातो से कान्हा क्यों जोड़े मुझे
मात यशोदा सुनेगी न तेरी
समजाऊगा तू करे हीरा फेरी
राधा खेलो न तुम ऐसे जज्बातों से
मरू कंकड़ीया फोडू झट से,
हथ कडी तोहे कराए दू सांवरियां
रोके है रसता तू बीच गगरिया,
नागर दिल की लगी न यु छोड़ मुझे
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