
कान्हा रे कान्हा आजा
कान्हा रे कान्हा आजा अब आजा
मेरा दिल यह पुकारे आजा
अखियों की प्यास बुझा जा
मेरी लाज बचाने आजा
मुझे गले लगाने आजा
रोता है दिल, पथराई अखियाँ
बाट निहारे, बाट निहारे
मेरा यह जीवन, सुन मेरे मोहन
तेरे सहारे, तेरे सहारे
मेरी विगड़ी बनाने आजा
मेरे दुखड़े मिटाने आजा
कभी मिलने मिलाने आजा
आजा रे दीवाने आजा
कान्हा रे कान्हा आजा
सँभला हूँ मैं गिर, गिर के कन्हैया
फिर ना गिराना, फिर न गिराना
मेरी गई तो, जाएगी तेरी
हसेगा ज़माना, हसेगा ज़माना
गिरते को उठाने आजा
हारे को जिताने आजा
हँसते हैं लोग मुझे, कहती है दुनियां
पागल दीवाना, पागल दीवाना
सँजु जहां में, प्रेम का मतलब
किसी ने ना जाना, किसी ने ना जाना
मतलब समझाने आजा
ज़रा प्रेम निभाने आजा
1. “कान्हा रे कान्हा आजा अब आजा” भजन का मतलब क्या है?
यह भजन भगवान श्री कृष्ण से उनके भक्तों की दिव्य उपस्थिति की कामना करता है। इसमें भक्तों का कृष्ण के प्रति अपार प्रेम और भक्ति दर्शाई जाती है, जो कृष्ण की ओर आकर्षित होने की प्रार्थना करते हैं।
3. “कान्हा रे कान्हा आजा” भजन के रचनाकार कौन हैं?
यह भजन प्रसिद्ध भक्ति संगीतकारों द्वारा रचित है। हालांकि, इसके कई कलाकारों द्वारा भिन्न-भिन्न
भी उपलब्ध हैं।
4. क्या मैं “कान्हा रे कान्हा आजा” भजन डाउनलोड कर सकता हूँ?
हाँ, आप इस भजन को लोकप्रिय म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म्स या भक्ति गीतों की वेबसाइट्स से डाउनलोड कर सकते हैं।
5. क्या यह भजन ध्यान के लिए उपयुक्त है?
हाँ, यह भजन अपनी शांति भरी धुन और दिव्य बोलों के कारण ध्यान करने और भगवान श्री कृष्ण से जुड़ने के लिए एक आदर्श भजन है।
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