
केसर री ज्योत जगाई गई,
माँ आईपंथ धरपाई गई,
मारी आईमाता अवतारी,
ज्यारी कीरत जग में भारी,
भगता रे कारण,
कलयुग में अवतार लियो,
मैया नगर बिलाडा,
आई ने विश्राम लियो।।
तर्ज – मरुधर में ज्योत जगाय गयो।
भीकाजी पुण्य कमायो,
थाने पुत्री रूप में पायो,
थारी माता लाड लडायो,
ओ अम्बापुर जन हर्षायो,
भादरवा री बीज ने आय गया,
फुला मे पोड हर्षाय गया,
राव भीका मन हर्षावे,
सारी सखीया मंगल गावे,
जगदम्बा रूप श्री आई माता,
अवतार लियो,
ओ मैया कलयुग री अवतारी,
थारी कीरत जग में भारी,
ओ मैया भगतो री इतकारी,
ओ ज्यारी बडेर है चौदस माई,
थारी महिमा रो तो पार नही,
माँ बिना भगता रो कोई नहीं,
माँ नगर बिलाड़ा वाली,
आई तू ही है रखवाली,
मै शरने आया मैया,
थे तार लियो,
बिछडीयोडा माधव ने मिलाया,
जाणोजी रा कारज सार्या,
भगता री आस पुराया,
जो ध्यावे परचा पाया,
यु लखन चौधरी गाई रया,
किशोर सुमन मन भाय रया,
ओ तो हेमराज जश गावे,
थारे चरणा शिश निवावे,
मारी नैया भवसु मैया पार करो,
प्रेषक – मनीष सीरवी
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