
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे
तरज़-कौंन दिशा को लेके चला रे बटोहिया
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के...
कितने जनम की तपस्या है ये,
मिल गया है बृज़ धाम हो
धाम मिला विश्राम मिला है,
जीवन को आराम हो
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे
कौंन जनम के... 2.
बरसानों है धाम रगिंलो,
जहां बिराजे सरकार हो
बृज़ मण्डल की है महारानी,
राधा रगिंली है नाम हो
मन में तूं विश्वास जगाले,
पुरण होगी तेरी आस हो
श्री हरिदास शरण में रसका,
धसका मिले बृज़ वास हो
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000
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