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क्रांतिवीर योद्धा बलजी भूरजी कथा द्वितीय भाग

Kraantiviir Yoddha Balaji Bhuuraji Katha Dvitiiy Bhaag lyrics

20
॥ श्री ॥

क्रांतिवीर योद्धा बलजी भूरजी कथा द्वितीय भाग,

करला आपा विश्राम दोनो भाई,

बैठा ठंडी छाव ओ,

पानी तो ठंडो पीवसा प्याऊ पर ओ,

पानी तो ठंडो पीवसा प्याऊ पर ओ जी,

अरे पुग्या प्याऊ जाय दोनो भाई,

पुग्या बैठा जाय रे,

कोई काडे गालीयां साधा की लुगाई ओ,

कोई काडे गालीयां साधा की लुगाई ओ जी,

अरे मरजो थारो पूत ओ बलजी,

मरजो थारो पूत ने,

थाने नाग कालीयो खावजो सुतोडा ने,

थाने नाग कालीयो खावजो सुतोडा ने ओ जी।।

अरे क्यु काडे वो गाल ओ बाई,

क्यु काडे तू गाल,

बलजी एडो काई कर दीयो थाने रे,

बलजी एडो काई कर दीयो बाई थाने,

अरे लेग्यो चांदी डूम काडने,

लेग्यो चांदी डूम रे,

मर जाणो बलजी लेगयो काडेने ओ,

अरे हो गई कितरी देर बाई,

हो गई कितरी देर,

किन दिशा मे गयो लुटने बतावो ओ,

किन दिशा गयो लुटने बताओ ओ जी।।

अरे जाय पकड्यो लार ओ बलजी,

जाय पकड्यो लार,

नकली बलजी ने जायने हाथा सु ओ,

अरे दीनी दोय चार भूरजी,

दीनी दोय चार रे,

कोई डूम नकदी छीन ली उनासु ओ,

अरे लेकर म्हारो नाम लूट मत,

लेकर म्हारो नाम रे,

छोडू नही जग में जीवतो मै थाने ओ,

छोडू नी जग में जीवतो मै थाने ओ जी।।

अरे लोवो डूम सम्भाल ओ बाई,

लेवो डूम सम्भाल,

साथे आ नकदी ब्याज मै थाने देवा ओ,

अरे बलजी म्हारो नाम है बाई,

बलजी म्हारो है नाम,

मै नही लुटा कोई साध ओर निर्धन ने ओ,

मै नही लुटा कोई साध और निर्धन ओ,

अरे क्यु करो ओ काम विरामन,

क्यु करो ओ काम,

बदनामी जग रे मायने आ थारी ओ,

बदनामी जग रे मायने आ थारी ओ जी।।

अरे लुटन रो नही काम बाई म्हारी,

लुटन रो नही काम,

मै बन बारोटा लड रया आजादी रे,

अरे होग्या डूंग जवार शेखावत,

होग्या डूंग जवार रे,

ए लड रया अंग्रेज़ा सु आजादी रे,

अरे उन ही वंश री बेल ओ,

बाई उन ही वंश री बेल,

अंग्रेजा सु बदलो लेवनो कोई म्हाने ओ,

अंग्रेजा सु बदलो लेवनो कोई म्हाने ओ जी।।

अरे पुग्या गाँव री गेरा बलजी,

पुग्या गाँव गोरीये,

ऊंटा ने पानी पावनो पनघट पे ओ,

अरे पावन लाग्या नीर ऊंटने,

पावन लाग्या नीर रे,

पिनिहार्या बाता कर रही पनघट पे ओ,

अरे पिनिहारी री आँख आंसुडा,

आंसू आग्या मायने,

कोई देखी बलजी भूरजी रोतोडी ओ,

कोई देखी बलजी भूरजी रोतोडी ओ जी।।

अरे पूछन लाग्या बात भूरजी,

पूछन लाग्या बात ओ,

बलजी तो केवन लागीया पिनिहारी सु,

अरे क्यु रोवे तू पनघट माते,

क्यु रोवे तू आज रे,

कोई बात म्हाने केयदे मनडा री ओ,

अरे करा सहायता आज बाई थारी,

करा सहायता आज रे,

जद जाणा मन री बातडी मै थारी ओ,

जद जाणा मन री बातडी मै थारी ओ जी।।

अरे घर बेटी रो ब्याव है म्हारे,

घर बेटी रो ब्याव,

म्हारे कुण भरेला मायरो घर आसी रे,

कुण भरेला मायरो घर आसी रे,

जामण जायो बीर नही म्हारे,

जामण जायो बीर,

कुण भरसी म्हारे भात बिन भाई ओ,

कुण भरसी म्हारे भात बिन भाई,

तू है म्हारी बहन धर्म री,

तू है म्हारी बहन,

मै भात भरूला आयने आंगनीये रे,

मै भात भराला आयने आंगनीये रे ओ जी।।

अरे मत कहिजे तू बात गाँव में,

मत कहिजे तू बात,

घेणा ओर घाठा मै भेजस्या पहला दिन ओ,

अरे कहकर होग्या बिर भूरजी,

बलजी होग्या साथ,

कोई हुआ रवाना मगरा रे धोरां मे ओ,

अरे बल्ला भूरा जाय पुग्या,

पाटोदा रे माय,

कोई करवा लागा भात री तैयारी ओ,

कोई करवा लागा भात री तैयारी ओ जी।।

अरे जाय गणेशा तू जाय घेणा,

घाठा तो पहुंचाय रे,

उडिके धर्म री बेनडी भाया ने ओ,

होयो गणेशो बिर लेने,

होयो गणेशो बिर,

कोई घेणा घाठा लेने वटासु ओ,

साथे बलजी भूरजी चाल्या,

साथे बलजी भूरजी,

ओडावन बाई ने चुनडी हाथा सु ओ,

ओडावन बाई ने चुनडी हाथा सु ओ जी।।

अरे भात भरन रो कोड दोना ने,

भात भरन रो कोड,

कोई लियो गणेशो साथ मे भाईडा ओ,

अरे सांझ बेन्या रो टेम भाईडा,

सांझ बेन्या रो टेम रे,

भात भरन ने चालीया बेनड री ओ,

वे भात भरन ने चालीया बेनड री ओ,

अरे लाग्या बागी लार दुनाली,

लाग्या बागी लार रे,

कोई घेरो गालीयो जायने पहला सु ओ,

कोई घेरो गालीयो जायने पहला सु ओ जी।।

पुग्या धर्म री बहन रे घर में,

पुग्या धर्म री बहन,

हाथा मे लिनी चुनडी ओडावन ने,

अरे गोली रो धमीड उठियो जद,

गोली रो धमीड रे,

सिपाही करदी चाल रे उनामे ओ,

अरे चुनडी ओडाय बाई ने,

चुनडी ओडाय,

तीनो तो भाग्या धोरां मे भाईडा ओ,

तीनो तो भाग्या धोरां मे भाईडा ओ जी।।

अरे जोधाणे पुलिस रिशाने,

अरसु कर सवार,

पड्या उनारे लार रे पकडवा ओ,

अरे बकतावर सिंह बनीयो डि आई,

सेना रो सिरदार रे,

शेरा रे पिन्जरे आयने पकडवा ओ,

शेरा नेे पिन्जरे आयने झकडवा ओ,

अरे कालु खामुख वीर रे,

कालु खामुख वीर,

करतो वो खबरी जायने उनारी ओ,

करतो वो खबरी जायने उनारी ओ जी।।

गायक – प्रकाश माली जी।

प्रेषक – मनीष सीरवी।

(रायपुर जिला पाली राजस्थान)

॥ जय हो ॥

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About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

क्रांतिवीर योद्धा बलजी भूरजी कथा द्वितीय भाग is a bhajan dedicated to Krishna Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Kraantiviir yoddhaa balajii bhuurajii kathaa dvitiiy bhaag,", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

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