
खाटु वाला है हम जैसे दिनों का आधार
खाटु वाला है हम जैसे,
दिनों का आधार,
आंसू आँखों के पोंछे,
करता है प्यार,
तर्ज – किस्मत वालों को मिलता है।
चलते चलते जब गिर जाता हूँ,
बांह पकड़ के मुझे उठाता है,
मेरा होकर क्यों घबराता है,
ऐसा कहकर धीर बंधाता है,
अपनों से ज्यादा चिंता,
करता दुलार,
दुखियों के दुःख करता है ये दूर,
प्यार लुटाता प्रेमियों पे भरपूर,
हार भगत इनको ना मंजूर,
इसीलिए है दुनिया में मशहूर,
हारे का साथी बनके,
नैया का माझी बनके,
करता उद्धार,
जबसे श्याम ने थामा मेरा हाथ,
कोई ना रहता ये रहता है साथ,
जीवन में खुशियां ही खुशियां है,
बन जाती है बिगड़ी हुई हर बात,
‘मोहित’ इस जग की अब ना,
मुझको दरकार,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



