
गण नायक बन के,
बुध विनायक बन के,
प्रभु भक्तों के कष्ट मिटाना
हे रिद्धि सिद्धि के स्वामी
प्रभु आप हो अन्तर्यामी
सुंडधारी बन के, विघनहारी बन के,
हो के मूसे पे, सवार चले आना,,,
हे वक्रतुण्ड अवतारी
एक दंत की लीला भारी
गजाधारी बन के. दुःखहारी बन के,
प्रभु दुष्टों से, हमको बचाना,,,
हे लम्बोदर हितकारी
प्रभु रखना लाज हमारी
तन विशाल करके, महाँकाल बन के,
प्रभु असुरों को, मार गिराना,,,
तेरी जय हो गणेश जग वंदन
करते श्रद्धा के फूल हम अर्पण
महाँज्ञानी बन के, वरदानी बनके,
शुभ लाभ, हमे वि कराना,,,
सुनो गणपति बिनती हमारी
भक्त करते गुणगान तुम्हारी
लड्डू मेवा धर के, लाए थाली भर के,
प्रभु भोग, स्वीकार कर लेना,,,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


