
गाँव रूनीचा मायने रे,
रामदेव अवतार।
दोहा – रामा मोरी राखीयो,
ओर अबके डोरी हाथ,
ओर नही म्हाने आसरो,
आप बिना रघुनाथ।
कंवरा अजमलजी रा,
भगता रे कारण आया सावरो रे ओ।।
अरे जावे अजमल द्वारिका रे,
लाडू लिना साथ बोलो सावरिया,
अरे नही बोलो प्राण त्याग सु रे ओ।।
अरे केवे पुजारी सुनो ठाकरा,
एकत म्हारी बात साची बतलावु,
अरे सागरीया मे रेवे थारो सावरो रे ओ।।
इतरी बात सुनी अजमल ने,
कूद्या सागर माय सुनलो सावरिया,
द्वारिका रा नाथ दर्शन देवीया रे ओ।।
केवे अजमल सुनो सावरा,
एकत म्हारी बात सुनलो सावरिया,
ए पुत्र तो देवो म्हारे लाडला रे ओ।।
बडो विरमदेव होवसी रे,
सुनले अजमल बात केवे सावरियो,
ए छोटो मै आवु थारे आंगने रे ओ।।
मास भादवे बीज चांदनी,
आया रामापीर म्हारा सावरिया,
ए ‘श्याम’ री थे अरजी सुनलो रामदेव रे ओ।।
गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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