
गोविंदा आला रे
झूमे झूमे सारी धरती झूमे ये आसमान,
देख कान्हा का मुखड़ा शरमाए चन्द्रमा,
गोविंदा आला रे...-2
चन्द्र छवी है ऐसी प्यारी,
जिसपे जाए जग बलिहारी...-2
नन्दलाल का जनमदिन मनाए ये जहां
गोविंदा आला रे.....
अँगने में पलना अति प्यारा,
पलने में झूले गोपाला...-2
है निराली इसकी माया निराला ये समा
गोविंदा आला रे आला
ज़रा मटकी संभाल ब्रिजबाला
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