
जद जद कलयुग माई,
भक्त पुकार लगावे,
घूंगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे,
तर्ज – समय को भरोसो कोणी।
शिव शंकर के रूद्र कहावे,
शक्ति अंग प्रगटावे,
भीड पड्या किलकारी करने,
काला गोरा आवे,
तन मन से जो ध्यावे वाने ओ,
तन मन से जो ध्यावे वाने,
भक्ता रा मान बढावे,
अद्भुत शक्ति आप समावे,
माल रा नाथ कहावे,
देव निद्धि दरबार लगावे,
दाता राज पुजावे,
महिमा भारी हाजिर पावे ओ,
महिमा भारी हाजिर पावे,
नर नारी जश गावे,
कलयुग मे अवतारी बाबा,
जो चरना चित लावे,
भक्तन के खातिर भेरूजी,
पल में पार लगावे,
दुष्टन के घोटा घमकावे ओ,
दुष्टन के घोटा घमकावे,
भूत भागता जावे,
नानु पंडित शरण आपके,
बार बार गुण गावे,
गलती गुनाह क्षमा कर दो,
‘मशरूम’ भजन मे गावे,
गांव तासोल री महिमा भारी ओ,
लेखक – नानू पंडित।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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