
चांदी की पालकी और रेशम की डोरी,
पलना में झूलें मेरे बांके बिहारी,
कजरारे कारे कारे,मोटे मोटे नैना ॥
देख छवि नटखट की ,जियरा भरे ना ॥
अधरों को चूमे मुरलिया प्यारी,
अंगना में झूले मेरे बांके बिहारी
मोर मुकुट सिर पे,गले बैजंती माला ॥
हाथो पे कंगना सोए, काँधे पे दुशाला ॥
सावली सलोनी छवि,दुनिया से न्यारी,
पलना में खेले मेरे बांके बिहारी
बैठे हैं फूलो में छुपकर के ऐसे ॥
लुक्का छुपी खेल रहे भक्तो से जैसे॥
ठोड़ी के हीरे से चमके बिहारी,
पालना में के खेलें मेरे बांके बिहारी
छोटे से मेरे हैं बांके बिहारी ॥
हाथो में सोए मुरली प्यारी प्यारी ॥
पालना में झूले मेरे बांके बिहारी
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