
चारो धाम है मात पिता रे,
चरणों में है भाया रे,
फिर क्यों मंदिर फिरो भटकता,
मात पिता री करो सेवा रे,
देखे – मात पिता की सेवा जैसा।
बेटा तो म्हारा घणा समझणा,
कदे ना मुंडे बोल्या रे,
मरिया पाछे गांव जिमावे,
म्हे कई जीमन आवा रे,
बहुवा देखो म्हारी घणी समझणी,
कदे ना थाल परोस्यो रे,
मरिया पछे फोटू ने लाड दिखावे,
म्हे कई लाड लडावा रे,
पोता तो म्हारा घणा समझणा,
कद ना पाणी पायो रे,
मरिया पीछे प्याउ बनावे,
म्हे कई पीवन आवा रे,
बेटी तो देखो म्हारी घणी समझणी,
कद ना मिलवा आवे रे,
मरिया पीछे रोवन बैठी,
म्हे कई देखण आवा रे,
बीरा तो म्हारा घणा समझणा,
कद ना आड़े आया रे,
मरिया पीछे चुनडी उड़ावे,
म्हे कई ओढ़न आवा रे
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