
चालो जी चालो चालोनी भाईडा रे,
चालो चालो पदम नाथ जी रे धाम,
लेलो जी लेलो लेलोनी भाईडा रे,
लेलो लेलो ठाकुर जी रो नाम।।
पदम् नाथ ने है बलिहारी,
गोमती है स्वयं पधारी,
बोलो में जय जयकार भाईडा रे,
दशम रे दिन जो कोई आवे,
बाबो सबरा कष्ट मिटावे,
ओर भर देवे भण्डार भाईडा रे,
पलासमा में आप विराजो,
ढोल नगाड़ा नोपत बाजे,
थारी हो रही जय जयकार भाईडा रे,
पदम् नाथ री महिमा भारी,
दर्शन ने आवे नर नारी,
जुलनी रो मैलो है अपार भाईडा रे,
दुर-दुर सु आवे यात्री,
फुला सु न्याय दिलावे,
कलयुग रा अवतार भाईडा रे,
सुरज सामी धाम कहावे,
बनास नदी चरण बहावे,
सामी सामी जरगाजी रोधाम भाईडा रे,
मोईनुद्दीन जी भजन वणायो,
दास प्रकाश जुगत सु गावे,
गावे गावे महिमा आज भाईडा रे,
स्वर – प्रकाश प्रजापति।
लेखक – मोईनुदिन मनचला।
प्रेषक – प्रेम शंकर 9558171459
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