
चाहे काली ने पुज ले रे,
चाहे बाबा ने पुज ले रे,
तेरा संकट कटज्यागा,
चोटी आले पुज ले रे।।
एक तुलसी की ले ले माला,
भजन करें त हो उजियाला,
तेरा साटा सटज्यागा,
पित्रां ने पुज ले र,
ईष्ट देव तं कोए बड़ा ना,
इन बिन कोए धोरःखड़ा ना,
तेरा सारा दुखड़ा कटज्यागा,
कुछ अगत सुझ ले र,
देशी घी की जोत जगाले,
एक छोटा सा थान बणाले,
तन्नै बैरा पटज्यागा,
सुबह रोज उठ ले र,
राजपाल की बात मान ले,
अशोक भक्त की ओर ध्यान दे,
तेरा रंग छटज्यागा,
अमृत ने घुट ले र,
गायक – नरेंद्र कौशिक जी।
प्रेषक – राकेश कुमार खरक जाटान(रोहतक)
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