
जगत के कन कन में भगवान
जगत के कन कन में भगवान लिरिक्स जगत के कन-कन में भगवान,
वर्णन करते कभी न थकते,
जिसका वेद पुराण,
जगत के कन-कन में भगवान।।
विष्णु जी बसते मन में,
बसें लक्ष्मी जी धन में,
राम जी सबके तन में,
जानकी प्रभु के तन में,
जन-जन के प्राणों में बसते,
पवन पुत्र हनुमान,
कृष्ण बंसी की धुन में,
राधिका नाचे उन में,
हिमालय पर शिव बसते,
पार्वती गंग जमुन में,
श्री गणेश जी बुद्धि बांटते,
मात शारदा ज्ञान,
आओ मेरी सखियो मुझे मेहँदी लगा दो लिरिक्स
सारी दुनिया मे आनंद छायों कान्हा को जनम दिन आयो लिरिक्स
बरसाना है प्यार हमारा वृन्दावन है प्राण हमारा लिरिक्स
म्हारो नटवर नन्द किशोर लिरिक्स
मीठी मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजै लिरिक्स
मोहन हमारे मधुबन में तुम आया न करो लिरिक्स
एक बार हमसे साँवरे नजरे मिलाइये लिरिक्स
जी रहा हु कृपा पे तेरी सांवरे लिरिक्स
श्याम माखन चुराते चुराते अब तो दिल भी चुराने लगे है़ं लिरिक्स
दिलकश तेरा नक्शा है सूरत तेरी प्यारी है लिरिक्स
चल री सखी वृंदावन लिरिक्स
चलो वृंदावन चलते हैं लिरिक्स
नैन मिले जो गिरधारी से हो जाता है उध्दार लिरिक्स
:- नागेंद्र अनुज
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