
जनम अनमोल रे जहर मत घोल रे लिरिक्स
ये देश बेगाना है छोड़ इसे जाना
आँख जरा खोल रे जहर मत घोल रे
जनम अनमोल रे जहर मत घोल रे
है छोटी जिंदगानी करे काहे मनमानी
तू मीठा मीठा बोल रे जहर मत घोल रे
समय चला जायेगा बड़ा पछतायेगा
मोह में मत तोल रे जहर मत घोल रे
तेरी सुन्दर काया देख क्यों इतराया
ना माँटी मोल रे जहर मत घोल रे
माया से नाता तोड़ दे घमंड अब छोड़ दे
बजाके अब ढोल रे जहर मत घोल रे
गुरुदेव के भजन यहा पर देख सकते है
मोहे लागी लगन गुरु चरणन की भजन
चली जा रही है उमर धीरे धीरे भजन
हरयाणवी गाना माटी में मिले माटी पानी में पानी अरे अभिमानी
पाप की नगरिया में पुण्य कब कमाओगे
गुरूदेव की कुटिया को मैंने फूलो से सजाया है
हे गुरुदेव मेरे दिल में आओ भजन
खाली हाथ आया है खाली हाथ जायेगा
हरी नाम नही होता तो भक्तो का क्या होता
जगत में कोई ना परमानेंट भजन
अपना मुझे बनाके चरणों से मुझे लगाके भजन
आदमी मुसाफिर है आता है जाता है भजन
क्या लेके आया बंदे क्या लेके जायेगा दो दिन की जिंदगी है
मनुष जनम अनमोल रे मिट्टी में ना रोल रे भजन
गुरुदेव मेरी नैया उस पार लगा देना
कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं
ऐसे ही सुन्दर भजन आप यहां पर देख सखते है
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