Skip to content

जय बोलो आई मात री कथा प्रथम भाग

Jai Bolo Aai Maat Ri First Part lyrics

20
॥ श्री ॥

जय बोलो आई मात री प्रथम भाग,

अम्बापुर अवतार लियो माँ,

बिलाड़ा आ कियो निवास,

जय बोलो आई मात री,

अम्बापुर रा ठाकुर भीकाजी,

डाबी रे कोनी संतान,

ठाकुर भीकाजी शिव रा भगत था,

हर पल जपता शिवरो जाप,

नहीं संतान दुखी था मन मे,

व्याकुल मन सु धरता ध्यान,

दुनिया बांज्या के बतलावे,

भीकाजी होवे दुखी मन माय,

बार बार सुन बांज्या बांज्या,

भीकाजी धर बैठा ध्यान,

कठीन तपस्या करी भीकाजी,

शिव शक्ति प्रसन्न होय जाय,

रात पडी भीकाजी सोया,

शक्ति आयी स्वपन माय,

शक्ति बोली सुनो भीकाजी,

मैं ले सु थारे घर अवतार,

सुबह सवेरे बाग मे जाईजो,

मैं मिल सु फुलडा रे माय,

मारी निशानी त्रिशूल मंडेला,

भीकाजी थारे घर रे माय,

इतरी वार्ता करके भवानी,

अब तो हो गई अंतरध्यान,

स्वर्गलोक मे बाजा बाजे,

मधुर मधुर गावे नारद गान,

सारा देवता भेला होया है,

पुचे है शक्ति सु बात,

मात भवानी भेद बतावो,

क्यु जावो मृत्यु लोक के माय,

बोली भवानी सुनलो देव सब,

मैं लेवुली अब अवतार,

मृत्यु लोक मे भक्त दुखी है,

वारी तो मै लेसु सहार,

इतरो कहे आलोप हुई देवी,

प्रगट आ फूला रे माय,

सुबह हुई भीकाजी जागीया,

सपनो वाने आयो याद,

दौड भीकाजी गया बाग में,

ढुंढन लागा सगलो बाग,

इतरे मे चिलकारी सुनली,

दौड गया भीकाजी पास,

फूल सरीकी कोमल कन्या,

मिल गई है भीकाजी ने आज,

चौदह सौ संवत बहत्तर,

बीज भादवी शनिवार,

उन दिन अम्बे अवतार लियो है,

शुभ घड़ी शुभ नकतर माय,

भीकाजी अब आया रावले,

मन मे खुशीयां अती अपार,

भीकाजी घर में आ देख्यो,

त्रिशूल मंडीयो घर के माय,

भीकाजी अब केवे रानी ने,

शक्ति आयी अपने द्वार,

इन लाडी कन्या लेवी गोद में,

शिश चुमती रो सत्कार,

भीकाजी अब पंडित बुलायो,

कन्या रो नाम दरावन काज,

पंडित आय देख्यो टिपनो,

नकतर सगला लिया मिलाय,

बोल्या पंडित सुनो भीकाजी,

साची बताउ थाने बात,

साधारण नही थारी कन्या,

नकर बतावे है अवतार,

धिन धिन भाग भीकाजी थोरा,

शक्ति रा थे कहिजो बाप,

जग में करसी उजालो कन्या,

जीजी दरावो इन रो नाम,

जीजी नाम धरीयो कन्या रो,

घर में गूंजे मंगल गान,

भीकाजी अब दान दक्षिणा,

दिदी पंडित ने अपरम्पार,

जीजी बाई बडा होया है,

हर पल धरता शिव रो ध्यान,

बालपना मे जीजी बाई,

खूब दिखाया है चमत्कार,

आंधा ने वे साजा करता,

पग पग करता सब री सहाय,

जीजी बाई बड़ा होया जद,

खिलजी बादशाह ने पडगो ध्यान,

मोहम्मद खिलजी हुकम लगायो,

भीका ने लावो बुलवाय,

बादशाह रा संग गया अम्बापुर,

भीकाजी ने लाया बुलाय,

बादशाह भीकाजी सु बोल्या,

थारी कन्या संग करसु ब्याव,

भीकाजी रे मन क्रोध उपजीयो,

पन वे धीरज धरीयो आज,

बोल्या भीकाजी सुनो बादशाह,

पुचु मे जीजी ने जाय,

भीकाजी आया अपने घर में,

एक तरफ बैठा उदास,

जीजी बाई पुच्यो पिता ने,

कुनसी विपदा आ गई आज,

चाँद सरीको थारो मुखडो,

क्यु फुलमायो बाबूल आज,

भीकाजी अब सगली वार्ता,

जीजी ने दिनी बतलाय,

जीजी बाई बोल्या पिता सु,

आ तो छोटी सी है बात,

जोवो पिताजी भरो हुकारो,

मै करसु खिलजी संग ब्याव,

भीकाजी गया खिलजी ताई,

बोल्या बादशाह सुनलो बात,

जय बोलो आई मात री मारी,

म्हारी कन्या जीजी बाई,

करसी थारे संग मे ब्याव,

बादशाह अब बिंद बनगा,

लेकर आया है बारात,

इतरा बाराती देख भीकाजी,

डर रया है अपने मन माय,

चिंता छोडो बाबूल आप,

जीजी बाई कहे पिता सु,

मारे कुटीया देवो बनाय,

जीजी बाई रे कुटीया बनाई,

गाँव गोरवे घोचर माय,

जीजी बाई गया कुटीया मे,

बैठा है लगाकर ध्यान,

सारा बाराती रे हुई व्यवस्था,

तंबु तनीयो अपने आप,

भांत भांत रा जीमन बनगा,

जीमलीया बाराती आज,

इतरी शोभा सुनके बादशाह,

वेश धरीयो साधु रो आज,

गयो बादशाह कुटीया ताई,

झाकीयो कुटीया रे वे माय,

सिंह सवारी करके बैठी,

शक्ति माँ कुटीया रे माय,

अब तो बादशाह धुंजन लागो,

डर रयो अपने मन माय,

शक्ति आयी कुटीया सु बारे,

बोली तू करसी मासु ब्याव,

हा बादशाह चरनों मे पडगो,

बोल्यो माता करदो माफ,

अती दयालु अम्बे माता,

बादशाह ने किनो माफ,

अब तो भवानी वृद्ध रूप धर,

अम्बापुर सु चाल्या आज,

थेतो अम्बापुर सु चाल्या जीजी माता,

थेतो बेलीया ने लिनो साथ,

मोरी माँ आईजी,

थेतो बूढीया रो रूप बनायो जीजी माता,

माँ चाल्या धरम रे काज,

थेतो भगत परखवा चाल्या जीजी माता,

माँ करी भगतो री सहाय,

थेतो इन कलयुग मे आया जीजी माता,

माँ भक्ति रो जगायो भाव,

मोरी माँ आईजी आईजी।।

नोट – द्वितीय भाग अगली पोस्ट में।

प्रेषक – मनीष सीरवी जी।

॥ जय हो ॥

हिंदी · Read on Bhajan Baan

Share this bhajan with your family

Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

Sponsored
Devotional partner
Advertisement

About this bhajan

Meaning, tradition and how to sing it

जय बोलो आई मात री कथा प्रथम भाग is a bhajan dedicated to Shiva Ji, sung in homes, temples, and community sabhas across India.

The bhajan opens with the line "Jai bolo aai maat ri first part,", a verse devotees often recite while lighting the evening lamp or gathering for kirtan.

On this page you can read the complete lyrics in Hindi (Devanagari), Hinglish (Roman transliteration), English translation. Use the language toggle above to switch scripts, adjust the font size for comfortable reading, and save the bhajan to revisit during your next sabha or solo practice.

If you enjoy this composition, explore more bhajan bhajans below. Each one is curated to help you build a devotional reading list that suits your tradition, mood, and occasion.

More bhajans you may like

See all