
जसोलगढ़ में धाम आपरो,
जसोल गढ मे धाम थारो,
थारी जय हो भटीयाणी माँ,
मै वारी जाऊ माजीसा,
भाटी कुल मे उपन्या माँ,
थे जोगीदा घर माय,
रूप स्वरूप थारो नाम स्वरूपा,
माँ भटीयाणी कहलाय,
जसोल गढ मे धाम थारो माँ,
ज्यारी शोभा अपरमपार,
चम चम चमके चुनडी माँ,
थारे टिलडी सोहे भाल,
दूर देशारा आवे जातरी माँ,
थारा दर्शन कर सुख पाय,
मिन्दर बनीयो मोवनो माँ,
थारी ध्वजा फरूके असमान,
गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
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