
जागो भाया नींद सु हो राज,
एडो वारो आवेला।
दोहा – साखी है गौ मात री,
सब जन धरीजो ध्यान,
चित लगाकर साम्भलजो,
थाने संत दिरावे आम।
अरे जागों भाया नींद सु हो राज,
अरे गावतडी रे बाप सु हो राज,
इन्दर रूट जावेला,
अरे गायो ने मती मारजो हो राज,
इनरी हाय लागेला,
अरे गौ हाय रे कारणे हो राज,
सावरिया रूट जावेला,
अरे मिनक मजूरी जावसी हो राज,
आपो आप लडेला,
सावरो रूट जावेला।।
अरे सरवर सूखा होवसी हो राज,
नायोडा नीर उगेला,
अरे कुआ बावडी सूखसी हो राज,
जल रा जोन्दा पडेला,
हरीया वनजुदा होवसी हो राज,
इन रा पान जडेला,
इन रा पान जडेला हो जी।।
अरे चलती नदियाँ सूखसी हो राज,
जिन मे रेत उडेला,
अरे सुनी धरती होवसी हो राज,
अन्न रा जोन्दा पडेला,
अरे डूंगरीये नवलगासी हो राज,
सूरज आग भरेला,
हवन पवन दोई तापसी हो राज,
गगन में धूड उडेला,
अरे हवन पवन दोई तापसी हो राज,
गगन में धूड उडेला हे ओ जी।।
अरे चेतो मारा बांधवो हो राज,
जनमता बाल जडेला,
अरे दूध पिनावे डूबला हो राज,
जग में जोन्दा पडेला,
अरे सेवा करेजो गाय री हो राज,
इन्दर घणो भरेला,
अरे लीला लेहर हो जावसी हो राज,
सब रो कष्ट हरेला,
अरे मूनी महाराज बोलीया हो राज,
सब थोरी हाक भरेला,
अरे गौ माता तो तारसी हो राज,
भवसु पार करेला,
अरे जोरावर री विनती हो राज,
गायो दुखडा हरेला,
अरे शंकर टाक री विनती हो राज,
थारे संपत्ति वेला,
गायक – शंकर टाक जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.



