
जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।....-2
जिसका हरी से जुड़ा संबंध हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
जिसका जीवन सच्चाई में ढल गया,
उसके पापों का पर्वत भी ढल गया -2
उसके रोम रोम मे बसे गोविंद हैं,
सूरदास मीरा कबीरा ने गाया,
तुलसी नानक ने भी दर्शन पाया ।
जिसके हृदय मे राम नाम बंद है..-2
स्वर्ग जाने की इच्छा नहीं है
मुक्ति पाने की इच्छा नहीं है
उसे ही मिलता यहाँ परमानंद है...-2
जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं........
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