
जेतेश्वर अवतारी,
मारा जेतेश्वर अवतारी।
दोहा – जेतेश्वर री महिमा गावु,
सुनो सभी नर नार,
जो गलती हो दास की,
समंदर करो बखान।
अरे जेंतेश्वर अवतारी,
अरे भगत बडा तपधारी,
अरे संत बड़ा तपधारी,
जिला बाडमेर गाँव कठाडी,
अरे जन्म हुवो एक बारी,
अरे जिला बाड़मेर गाँव कठाडी,
जन्म हुवो एक बारी,
अरे गुमाजी रे आंगन आया,
जेतेश्वर तपधारी,
अरे विक्रम संवत १८१२,
वैशाख सुदी चौदस भारी,
अरे रविवार रे दिन बावजी,
अरे कुकी देवी रे,
कोख सु जनमीया,
अरे बालकीयो तपधारी,
बालकीयो तपधारी,
अरे देवासी कुल रो,
भाग जगायो,
बालपना रे मायने,
जीव भक्ति रे माई,
अरे बालपना रे मायने,
अरे राम नाम री माला फेरी,
जंगलीया रे माई,
घना जंगल रे माई,
गायो बकरीयो चरावता,
मन माला रे माई,
अरे गायो बकरीयो चरावता,
अरे शिव नाम री माला फेरी,
रे बारी डूंगर माई,
मोह माया ने त्याग दी,
राम नाम गुण गाई,
अरे मोह माया ने त्याग दी,
अरे पाचों ने मार पच्चीस वश करे,
हरी हरी गुण गाई,
भरी जवानी मायने,
सोचे पिता माई,
अरे भरी जवानी मायने,
अरे बलकीया री करो सगाई,
मन मे दुखडो भारी,
अरे बालकीया री करो सगाई,
भक्ति करता जेतेश्वर जी,
बातो नही भायी,
अरे भक्ति करता जेतेश्वर जी,
जिन बालकीया री करी सगाई,
चुनडली ओडाई,
जिन बालीका सु करी सगाई,
सोगाराम रेलीयावासी,
थारी महिमा बताई,
अरे सोगाराम रेलीयावासी,
थारी कथा बताई,
अरे शंकर टांक शरन रो सेवक,
भरी सभा में गाई,
गायक – शंकर टाक जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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