
जोतां दा, नज़ारा शेरां वालिए,
जोतां दा, नज़ारा हो ।
जोतां दा, नज़ारा मेहरां वालिए,
भवन है उच्चियां, पहाड़ां अंबे राणिए,
भवन है उच्चियां, पहाड़ां हो ॥
कीहने कीहने, मांएं तेरा, भवन बनाया ॥
कीहने तेरा चवर, झुलाया अंबे राणिए,
कीहने चवर, झुलाया हो ॥
पंजां पंजां, पांडवां ने, भवन बनाया ॥
अर्जुन चवर, झुलाया अंबे राणिए,
अर्जुन चवर, झुलाया हो ॥
नंगे नंगे, पैरीं मइया, अकबर आया ॥
सोने दा छत्तर, चढ़ाया अंबे राणिए,
सोने दा छत्तर, चढ़ाया हो ॥
युग युग, जीवें तेरा, भगत ध्यानूं ॥
कट के सीस, चढ़ाया शेरां वालिए,
कट के सीस, चढ़ाया हो ॥
सूहे सूहे, चोले माएं, अंग विराजे ॥
केसर तिलक, लगाया महां राणिए,
केसर तिलक, लगाया ॥
पान, सुपारी मइया, ध्वजा नारियल ॥
पहिलड़ी भेंट, चढ़ाई अंबे राणिए,
पहिलड़ी भेंट, चढ़ाई हो ॥
चौंहसठ, पौड़ी देवा, चढ़ी ना जाए ॥
मंदिर, है उच्चियां, धारां शेरां वालिए,
मंदिर, है उच्चियां, धारां हो ।
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