
ज्योत जगे सारी रात, मईया के जगराते में
^ढोलक छैनों की झंकार, गूँजे भक्तों की जयकार
बरसे, मेहरों की बरसात, मईया के जगराते में
जगमग जागे ज्योत, ज्योत देवों ने मानी,
गाए वेद पुराण, महिमा संतों ने वखाणी
^चमके सूरज चाँद सितारे, पावन ज्योति के ही सहारे
देखो, ज्योत की करामात, मईया के जगराते में
ज्योत की शक्ति देख, झुके आकरअभिमानी,
हुआ था मंडप चूर, अभी भी है छत्तर निशानी
^माँ की ज्योति के गुण गाएं, ध्यानु भक्त अमर कहलाएँ
अब, बदलेंगे हालात, मईया के जगराते में
ज्योति रूप ज्वाला, करे सब की सुनवाई,
बाँटे दया का खज़ाना, जग जननी महाँमाई
^कोई बड़ा न कोई छोटा, देखे सरल ख़रा न खोटा
मिले, मुँह माँगी सौगात, मईया के जगराते में
जगराते में ज्योत जगे, मईया जी की ज्योत जगे
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