
झुक गए बड़े बड़े सरदार तेरी मोर छड़ी के आगे
झुक गए बड़े बड़े सरदार तेरी मोर छड़ी के आगे,
तेरी मोर छड़ी के आगे, तेरी मोर छड़ी के आगे,
राजा को रंक बना दे निर्धन को सेठ बना दे,
झुक गए बड़े बड़े साहूकार….
चाहे कोई आंख दिखाएं चाहे कोई शान दिखाएं,
टूटा अहंकार हर बार, तेरी मोर छड़ी के आगे,
झुक गए बड़े बड़े सरदार….
चाहे कोई घात लगाए चाहे प्रतिघात लगाएं,
कट गई बड़ी तलवार, तेरी मोर छड़ी के आगे,
यह भक्त तेरी महिमा गाए, चरणों में शीश झुकाए,
झुक गया कलयुग का सरदार, तेरी मोर छड़ी के आगे,
1: ‘झुक गए बड़े बड़े सरदार तेरी मोर छड़ी के आगे’ भजन किसके लिए समर्पित है?
1: यह भजन भगवान श्रीकृष्ण के लिए समर्पित है, जिसमें उनकी दिव्य शक्ति और प्रभाव का वर्णन है।
2: इस भजन का भावार्थ क्या है?
2: इस भजन में दर्शाया गया है कि श्रीकृष्ण की मोरपंखी छड़ी के आगे बड़े से बड़े राजा-महाराजा भी नतमस्तक हो जाते हैं।
3: क्या यह भजन किसी विशेष अवसर पर गाया जाता है?
3: यह भजन जन्माष्टमी, सत्संग, मंदिरों और कीर्तन सभाओं में गाया जाता है।
4: इस भजन की भाषा क्या है?
4: यह भजन हिंदी में है।
5: क्या यह भजन यूट्यूब पर उपलब्ध है?
5: हां, यह भजन कई प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा यूट्यूब पर गाया गया है।
6: क्या यह भजन बच्चों को सिखाया जा सकता है?
6: हां, यह एक भक्तिपूर्ण और प्रेरणादायक भजन है जिसे बच्चे भी बड़े प्रेम से गा सकते हैं।
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