
तर जाएगा राम गुण गाने से....
नही तरे नर तीरथ करन से, न ही गंगा नहाने से,
न ही तरे नर वेद पढन से, न ही कीर्तन सुनाने से,
न ही तरे नर दान पुण्य से, न ही भगवा रंगाने से,
गौतम ऋषि की नारी अहिल्या, तर गयी चरण छुआने से,
जनम जनम के बंधन छुटे, आतम ज्योति जगाने से,
राम रतन धन सतगुरू देय है, मन सतसंग समाने से,
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