
तुम करो हरी से प्यार अमृत बरसेगा
तुम करो हरी से प्यार,
अमृत बरसेगा,
बरसेगा बरसेगा,
तुम करो प्रभु से प्यार,
दया धर्म से प्रीत कर लो,
भव सागर से पार उतर लो,
हो जाए बेडा पार,
सत्य ज्ञान का पहनों गहना,
कड़वा बोल कभी ना कहना,
करो आत्म उद्धार,
प्रेम प्रभु से जो नहीं करता,
पड़ा नरक में फिर वो सड़ता,
लालच दे संसार,
नाम प्रभु का अमृत प्याला,
पीले बनके किस्मत वाला,
मिले न बारम्बार,
स्वर – सैजल।
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