
तूने मुझको अपनाया है ये मेरी किस्मत है श्याम
तूने मुझको अपनाया है ये मेरी किस्मत है श्याम,
हारे हुए को गले लगाना तेरी तो आदत है श्याम,
कोई मसीहा मुझको मिला न पल पल मैं तो रोता रहा,
मैंने अपना फ़र्ज़ निभाया धोखा ही बस होता रहा,
हाथ पकड़ के तुम सम्बाला ख़ुशी से आंख भिगोता रहा,
तेरे नाम की ज्योत सँवारे मेरे घर भी जलने लगी,
तेरी सेवा में खुशिया जो वो परिवार को मिलने लगी,
तेरी किरपा की छइयाँ पाकर मेरी गरास्थि पलने लगी,
अब तो रोज ही तेरी सेवा सब से जरुरी लगती है,
चोखानी संग मेरे संग में तेरी महफ़िल सजती है,
जो भी तेरे शरणागत है उसकी नहीं बिगड़ ती है,
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