
तेरे हाथों की कठपुतली हूँ तेरे हाथों का मैं झुनझुना
तेरे हाथों की कठपुतली हूँ,
तेरे हाथों का मैं झुनझुना,
मेरी किस्मत है सबसे बड़ी,
तूने सेवा में अपनी चुना,
तर्ज – जिंदगी प्यार का गीत है।
चाहे जितना बजा ले मुझे,
चाहे जितना नचा ले मुझे,
चाहे जितना हंसा ले मुझे,
चाहे जितना रुला ले मुझे,
जानता हूँ तू देता मुझे,
मेरी किस्मत से भी सौ गुना,
तेरे चलते ही पहचान है,
तूने हाथों से मुझको बुना,
मैं जहाँ भी रहूं सब कहे,
आ गया श्याम का झुनझुना,
तूने हरदम यही है कहा,
क्यों फिकर करता है मैं हूँ ना,
मेरी अर्जी यही है प्रभु,
तेरी महफ़िल में बजता रहूं,
‘श्याम’ की सांसे है जब तलक,
तेरा गुणगान करता रहूं,
ये ‘प्रमोद’ का जीवन प्रभु,
बिन तेरे लागे सुना सुना,
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